धर्म, दान और भक्ति से ही मानव जीवन होता है सफल: महंत गोविंद जी महाराज
हरिद्वार, मायापुर।
निरंजनी अखाड़ा बाग स्थित श्रीधाम आश्रम में आयोजित भंडारे के अवसर पर श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री महंत गोविंद जी महाराज ने धर्म, कर्म और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस संसार में मनुष्य के कल्याण का एकमात्र मार्ग धर्म, सत्कर्म और भक्ति है। यदि व्यक्ति अपने मानव जीवन को धन्य और सार्थक बनाना चाहता है, तो उसे दान और अच्छे कर्मों का सहारा लेना चाहिए। यही सत्कर्म जीवन की नैया को भवसागर से पार लगाने में सहायक होते हैं।
महंत जी ने आगे कहा कि ईश्वर में आस्था, भजन-कीर्तन और सत्संग से ही मानव जीवन को सही दिशा मिलती है। यह न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध भी बनाता है।
इस भंडारे में स्वामी मोहन दास जी महाराज, स्वामी ओंकार शरण महाराज, महंत हरेंद्र दास महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-महापुरुष और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म, दान और भक्ति से ही मानव जीवन होता है सफल: महंत गोविंद जी महाराज

