हरिहर आश्रम, कनखल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ

हरिद्वार ।हरिहर आश्रम, कनखल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ
श्रीपंचदशनाम जूनाअखाड़ा की आचार्यपीठ श्री हरिहर आश्रम में स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज के पावन संकल्प से “Ancient Heritage Foundation” के अंतर्गत संचालित “स्वामी अवधेशानन्द पॉलीक्लिनिक” द्वारा Medanta Hospital के सहयोग से 04–05 मई 2026 को दो दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के प्रथम दिवस (04 मई) को हरिद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों संत, साधक एवं स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान हृदय रोग, मधुमेह, रक्तचाप, नेत्र एवं सामान्य रोगों की विशेषज्ञ जांच की गई तथा रोगियों को निःशुल्क परामर्श एवं औषधियां वितरित की गईं।
मेदान्ता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पॉलीक्लिनिक की टीम द्वारा ECG, PFT, X-Ray, ब्लड शुगर, बीपी एवं हीमोग्लोबिन जैसी जांचें की गईं।
इस अवसर पर आश्रम के प्रबंधक स्वामी कैलाशानन्द गिरि सहित अनेक संत-महात्मा एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन मानव सेवा की उत्कृष्ट मिसाल बनकर उभरा।
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आध्यात्मिकता और सेवा का संगम: हरिहर आश्रम में भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित
श्री हरिहर आश्रम में स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित “स्वामी अवधेशानन्द पॉलीक्लिनिक” द्वारा मानव सेवा की एक प्रेरणादायी पहल के रूप में 04 एवं 05 मई 2026 को दो दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर “Ancient Heritage Foundation” के अंतर्गत तथा Medanta Hospital के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आमजन तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया गया।
शिविर के प्रथम दिन बड़ी संख्या में संत, ब्राह्मण-बटुक, साधक एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय रोग, मधुमेह, रक्तचाप, नेत्र रोग सहित विभिन्न बीमारियों की जांच कर उचित परामर्श दिया गया। साथ ही, सभी आवश्यक जांचें—जैसे ECG, PFT, X-Ray, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन—निःशुल्क की गईं।
इस सेवा कार्य में मेदान्ता हॉस्पिटल के अनुभवी डॉक्टरों के साथ पॉलीक्लिनिक के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आश्रम के संतों—स्वामी कैलाशानन्द गिरि, स्वामी सोमदेव गिरि एवं अन्य आचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक दिव्य बना दिया।
यह शिविर केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं, बल्कि “सेवा ही साधना है” के सिद्धांत को साकार करता हुआ एक जीवंत उदाहरण है।

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