केशव थलवाल मामले में नया मोड़: उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका, 8 मई को अगली सुनवाई
हरिद्वार/नैनीताल | जनवरी 2026 से चर्चाओं में बना केशव थलवाल प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में है।
हरिद्वार के अधिवक्ता मयंक त्यागी द्वारा इस मामले में उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टिहरी निवासी केशव थलवाल (पुत्र बोलम सिंह) द्वारा लगातार भोली-भाली जनता से अवैध धन वसूली की जा रही है, जिससे न केवल आम लोगों का शोषण हो रहा है बल्कि उत्तराखंड पुलिस की छवि भी प्रभावित हो रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
जनवरी 2026 में अधिवक्ता मयंक त्यागी ने केशव थलवाल के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि केशव बिना किसी स्पष्ट जानकारी या पारदर्शिता के लोगों से आर्थिक सहायता के नाम पर धन इकट्ठा कर रहा है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अब तक केशव थलवाल द्वारा यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उसे कितनी आर्थिक सहायता की आवश्यकता है और एकत्रित धन का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।
गंभीर आरोप और सुरक्षा चिंता
अधिवक्ता की ओर से यह भी दावा किया गया है कि इस मामले में कुछ प्रभावशाली नेताओं और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों का भी साथ विपक्षी पक्ष को मिल रहा है।
इसी के चलते अधिवक्ता मयंक त्यागी ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी व्यक्त की है।
उच्च न्यायालय की सख्ती
उच्च न्यायालय नैनीताल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केशव थलवाल को फटकार लगाई है। साथ ही अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख 08 मई 2026 निर्धारित की गई है।
आगे क्या?
अब इस मामले में सभी की नजरें 8 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां न्यायालय द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
केशव थलवाल मामले में नया मोड़: उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका, 8 मई को अगली सुनवाई

