हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में अध्यात्म और अटूट श्रद्धा का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। विरक्त कुटीर के श्री महेश्वरी 108 बाबा बलवीर दास जी महाराज ने माँ गंगा की शीतल धाराओं के बीच अपनी कठिन 41 दिवसीय ‘जल तपस्या’ को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस कठोर साधना की पूर्णाहुति के अवसर पर हरिद्वार के प्रसिद्ध अवधूत मंडल आश्रम में भव्य हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
41 दिनों तक गंगा जल में किया कठिन तप
विगत 41 दिनों से बाबा बलवीर दास जी महाराज नियमपूर्वक माँ गंगा के जल में खड़े होकर घंटों तक आराधना कर रहे थे। भीषण शीत लहर और गंगा के बर्फीले पानी की परवाह किए बिना उन्होंने लोक कल्याण और विश्व शांति के संकल्प के साथ इस तपस्या को जारी रखा। उनकी इस कठिन साधना को देखने के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता था।
हवन के साथ हुई तपस्या की पूर्णाहुति
तपस्या के अंतिम दिन, विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न किया गया। इसके पश्चात सिंह द्वार स्थित श्री अवधूत मंडल आश्रम में विशेष हवन का आयोजन हुआ, जिसमें विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली गईं। बाबा बलवीर दास जी ने बताया कि यह तपस्या आत्म-शुद्धि और सनातन धर्म की उन्नति के लिए समर्पित थी।
विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में आयोजित भंडारे में हरिद्वार के विभिन्न अखाड़ों के संतों, महामंडलेश्वरों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित संतों ने बाबा बलवीर दास जी की साधना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी तपस्या ही भारतीय संस्कृति और योग की शक्ति का प्रमाण है।
इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे, जिन्होंने बाबा का आशीर्वाद लिया और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाया।
कड़ाके की ठंड में माँ गंगा की लहरों के बीच महेश्वरी 108 बाबा बलवीर दास की 41 दिवसीय जल तपस्या संपन्न, अवधूत मंडल में हुआ भव्य भंडारा

