हरिद्वार में श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन रुक्मणी विवाह महोत्सव धूमधाम से संपन्न
हरिद्वार: मंडी गोबिंदगढ़ धर्मशाला में आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन रुक्मणी विवाह महोत्सव का भव्य और मनमोहक आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति के साथ भाग लिया तथा पूरे वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया।
रुक्मणी विवाह की झांकी को अत्यंत आकर्षक और भव्य रूप से सजाया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा स्थल की परिक्रमा करते हुए रुक्मणी विवाह महोत्सव का आनंद लिया। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, कथा वाचन और धार्मिक अनुष्ठानों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी जी के दिव्य विवाह प्रसंग को भावपूर्वक अनुभव किया और अपने जीवन में धर्म, प्रेम और समर्पण के महत्व को समझा। कथा में उपस्थित संतों एवं विद्वानों ने भी इस प्रसंग का महत्व बताते हुए कहा कि रुक्मणी विवाह भक्ति, विश्वास और सच्चे प्रेम का प्रतीक है।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि इस दिव्य आयोजन को एक उत्सव के रूप में मनाया।
यह आयोजन श्रीमद भागवत कथा के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव साबित हुआ, जिसने सभी के मन में भक्ति और श्रद्धा की भावना को और प्रगाढ़ कर दिया।
हरिद्वार में श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन रुक्मणी विवाह महोत्सव धूमधाम से संपन्न

