कनखल गुरुद्वारा अमरदास सतीघाट में प्रकाशोत्सव पर भव्य धर्मसभा, सत्संग और भंडारे का आयोजन
हरिद्वार: कनखल स्थित गुरुद्वारा अमरदास सतीघाट में पावन प्रकाशोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं की विशाल धर्मसभा, सत्संग एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस पुण्य अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और गुरु चरणों में नतमस्तक होकर अपने जीवन में सुख, शांति एवं मंगल की कामना की।सत्संग के दौरान भक्ति गीतों एवं गुरु महिमा के गुणगान से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गुरुजनों के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने धर्म, सेवा, सत्य और परोपकार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालु गुरु-वाणी में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते नजर आए।इस अवसर पर महंत रंजय सिंह महाराज ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि गुरु का प्रकाश केवल संसार को ही नहीं, बल्कि मनुष्य के अंतःकरण को भी प्रकाशित करता है। उन्होंने गुरु अमरदास जी के जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने समाज को सेवा, समर्पण, समानता और मानवता का अमूल्य संदेश दिया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें लोककल्याण और ईश्वर-भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है।उन्होंने आगे कहा कि गुरु की शरण में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर सत्य, प्रेम और सदाचार के प्रकाश से अपने जीवन को प्रकाशित कर सकता है। धर्मसभा और सेवा ही जीवन को सफल, श्रेष्ठ और सार्थक बनाने का सर्वोत्तम साधन है।इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर सेवा और संगति की महान परंपरा को आगे बढ़ाया। संपूर्ण गुरुद्वारा परिसर गुरु-वाणी, भक्ति और श्रद्धा से गुंजायमान रहा, जिससे यह आयोजन आत्मिक शांति, आध्यात्मिक जागरण और दिव्य अनुभूति का अद्भुत संगम बन गया।वहीं श्री निर्मल संतपुरा आश्रम गुरुद्वारे के महंत जगजीत सिंह महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि जो व्यक्ति गुरु के बताए मार्ग पर चलता है, उसका जीवन सफल और धन्य हो जाता

