भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गूंजे जयकारे
हरिद्वार। रानी गली स्थित श्री नकलक धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास, भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कथा पंडाल में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया गया, पूरा वातावरण “जय श्रीकृष्ण” और “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, पुष्प वर्षा और उल्लास के साथ नंदलाल के प्राकट्य का उत्सव मनाया। कथा व्यास उदय प्रसाद गौर जी ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की महिमा अनंत और अपरंपार है। जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर भक्तों का कल्याण करते हैं।
उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक “यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत…” का उल्लेख करते हुए भगवान के अवतार का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर धर्म, प्रेम और भक्ति का प्रकाश फैलाने वाला है।
कार्यक्रम में यजमान शांति भाई पटेल सहित अशोक भाई पटेल, जयंती भाई पटेल, भावेश कन्नू भाई पटेल, श्रीमती कृष्णाबेन, श्रीमती वैभवी पटेल और श्रीमती नैना बेन पटेल ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, नीति, करुणा और धर्म का अद्भुत संदेश देता है।
अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

