🕉️ गुरु महिमा और राम नाम से गुंजायमान हुआ हरिद्वार का संत समागम 🕉️
हरिद्वार। हरिद्वार के हरिपुर कला स्थित ए एन डी पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित दिव्य एवं भव्य श्री सीताराम महायज्ञ सत्र की पूर्णाहुति के पावन अवसर पर एक विराट संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। यह आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री रामानंदाचार्य श्री अयोध्या दास जी महाराज के पावन एवं दिव्य सानिध्य में संपन्न हुआ।
देश के विभिन्न भागों से पधारे संत-महात्माओं ने अपने अमृतमय वचनों से श्रद्धालुओं के हृदय को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से आलोकित किया। पूरे परिसर में श्रीराम नाम, गुरु वंदना और गंगा मैया के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
🌼 गुरु ही जीवन के पथप्रदर्शक — महंत राजेंद्र दास जी
सभा को संबोधित करते हुए नरसिंह धाम के महंत श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि गुरु हमारे जीवन की वह दिव्य शक्ति हैं, जिनकी कृपा से अज्ञान का अंधकार दूर होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है। गुरु केवल शिक्षक नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाले सेतु हैं।
🌼 राम नाम ही कलियुग में मुक्ति का सरल साधन
श्री रामानंदाचार्य श्री अयोध्या दास जी महाराज ने भगवान श्रीराम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम केवल त्रेता युग के नायक नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के आदर्श हैं। राम नाम ऐसा महामंत्र है, जो पापों का नाश कर आत्मा को निर्मल करता है।
🌼 गुरु कृपा से ही भक्ति का मार्ग प्रशस्त
साध्वी वैष्णवी जी महाराज ने कहा कि गुरु की कृपा के बिना भक्ति का मार्ग कठिन है। गुरु ही भक्त के हृदय में भक्ति का बीज बोते हैं, जो राम नाम से विकसित होकर जीवन को सार्थक बनाता है।
🌼 गुरु का स्थान सर्वोपरि — बाबा हाथ योगी जी
बाबा हाथ योगी जी महाराज ने कहा कि गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा है, क्योंकि वही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं। गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
🌼 संत संग से बदलता है जीवन
महंत श्री रघुवीर दास जी महाराज ने कहा कि संतों का संग मनुष्य के जीवन को बदल देता है। गुरु, भगवान और संत—ये तीनों जीवन के आधार स्तंभ हैं।
🌼 श्रीराम के आदर्शों को अपनाना ही सच्चा धर्म
महंत बिहारी शरण जी महाराज ने कहा कि श्रीराम त्याग, प्रेम, मर्यादा और सत्य के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
🌼 गंगा मैया मोक्षदायिनी — महंत जयराम दास जी
महंत जयराम दास जी महाराज ने मां गंगा की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवनधारा हैं। उनके दर्शन, स्पर्श और स्नान से पापों का क्षय होता है।
🌼 भक्ति, सेवा और सत्संग ही जीवन का उद्देश्य
महंत सूरज दास जी महाराज ने कहा कि संसार का सुख क्षणिक है, जबकि भगवान का स्मरण और गुरु कृपा शाश्वत है।
इस दिव्य संत समागम में संतों के प्रेरणादायक वचनों ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, गुरु सेवा और गंगा महिमा का गहरा संदेश दिया। पूरा परिसर वेद मंत्रों, राम नाम संकीर्तन और “हर-हर गंगे” के उद्घोष से आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
इस अवसर पर महंत विष्णु दास जी महाराज, महंत दुर्गादास जी महाराज, महंत रघुवीर दास जी महाराज, महंत बिहारी शरण जी महाराज, स्वामी अंकित शरण जी महाराज, महंत हरिदास जी महाराज, नागा बाबा गजेंद्र गिरी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
✨ यह आयोजन गुरु परंपरा, भक्ति और सनातन संस्कृति के दिव्य संगम का अद्भुत उदाहरण बनकर सभी के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया। ✨
गुरु महिमा और राम नाम से गुंजायमान हुआ हरिद्वार का संत समागम

