“विजन 2047 की उड़ान: IIT रुड़की का 61 करोड़ रोजगार सृजन का मेगा रोडमैप”
रुड़की/हरिद्वार। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के तहत “विजन 2047” की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Indian Institute of Technology Roorkee ने रोजगार सृजन का एक महत्वाकांक्षी मेगा रोडमैप पेश किया है। इस योजना के तहत देश में लगभग 61 करोड़ नए रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक और सामाजिक संरचना को नई दिशा दे सकता है।आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार इस रोडमैप में तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मुख्य आधार बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावनाएं हैं।इस पहल में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर समान ध्यान दिया गया है, जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके। खासतौर पर युवाओं को नए कौशलों से लैस करने के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस रोडमैप को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो यह न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करेगा, बल्कि भारत को 2047 तक एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।यह मेगा प्लान “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को भी मजबूती देता है और देश को नवाचार तथा उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।

