हरिद्वार में तीन दिवसीय संत-भक्त समागम का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा और भक्ति से गुंजायमान हुआ वातावरण
हरिद्वार स्थित मूर्ति गली के साईं वसंण शाह दरबार में आयोजित तीन दिवसीय संत-भक्त समागम का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं संत-महात्मा उपस्थित हुए, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।
समागम के शुभारंभ पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए गुरु महिमा का गुणगान करते नजर आए। जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।
समागम को संबोधित करते हुए प्रातः स्मरणीय परम पूज्य परमतत्त्व स्वरूप गद्दीनशीन साईं कलीराम साहेब ने कहा कि जिस व्यक्ति की गुरु और ईश्वर में अटूट आस्था होती है, उसका जीवन सदैव सुख, शांति और कल्याण से परिपूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि मनुष्य को सत्य, सेवा, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर भक्ति और गुरु के बताए मार्ग का अनुसरण करने वाला व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों का भी धैर्य और विश्वास के साथ सामना कर सकता है। श्रद्धालुओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सभी अपने जीवन में प्रेम, करुणा, सेवा और मानवता के भाव को अपनाएं तथा समाज में सद्भाव और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य के जीवन को नई दिशा प्रदान करता है और आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।
तीन दिवसीय इस समागम के दौरान सत्संग, भजन-कीर्तन, गुरु वाणी, आध्यात्मिक प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस समागम में भाग लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं।
साईं वसंण शाह दरबार को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन, प्रसाद एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
श्रद्धालुओं ने इस समागम को आध्यात्मिक ऊर्जा और गुरु कृपा का अद्भुत संगम बताते हुए इसे अपने जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया। पूज्य साईं परमानंद साहिब जी की पतित पावन कृपा से सभी भक्तजन आनंदित मन से इस दिव्य एवं पावन समागम में भाग ले रहे हैं।

