गंगा तट पर श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
हरिद्वार। गंगा तट स्थित मुल्तान भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया। सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया।
इस पावन आयोजन का संचालन मनहर भाई रामदीन कोष्टी द्वारा किया गया, जबकि कथा व्यास के रूप में भागवत आचार्य विरम भाई देसाई ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत की अमृतमयी कथा का रसपान कराया। उनकी मधुर एवं भावपूर्ण वाणी ने सभी को भक्ति में लीन कर दिया।
यह आयोजन अहमदाबाद से आए एक श्रद्धालु परिवार द्वारा अपने पूज्य पिता की पावन स्मृति एवं उनकी आत्मा की शांति की कामना से कराया गया। इस अवसर पर अहमदाबाद से लगभग 250 श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। सभी श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट प्रबंध आयोजनकर्ता परिवार द्वारा पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण के माध्यम से गहरी आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की और इस आयोजन को दिव्य एवं अविस्मरणीय बताया।
सातवें दिन भव्य समापन
आज सातवें दिन मुल्तान भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
गंगा तट पर श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

