ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव: परमार्थ निकेतन में चौथे दिन आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगमInternational Yoga Festival का भव्य आयोजन इन दिनों Parmarth Niketan Ashram में चल रहा है। योग नगरी Rishikesh के पावन Ganga River तट पर आयोजित इस महोत्सव के चौथे दिवस की दिव्य, अलौकिक और प्रेरणादायी झलकियों ने देश-विदेश से आए साधकों के हृदय को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।गंगा तट पर सुबह से ही योग, ध्यान और प्राणायाम के सत्रों में विश्व के 80 से अधिक देशों से आए साधक पूरे समर्पण के साथ साधना में लीन दिखाई दिए। अनुभवी योगाचार्यों के मार्गदर्शन में आयोजित इन सत्रों ने प्रतिभागियों को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराया।महोत्सव के दौरान पूज्य संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने अपने प्रेरणादायी संदेशों से साधकों को जीवन में योग और ध्यान के महत्व से अवगत कराया। वैदिक मंत्रों की पवित्र ध्वनि, सामूहिक ध्यान और भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को शांति, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।चौथे दिन का यह आयोजन केवल योग अभ्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आत्मिक जागरण, आंतरिक संतुलन और वैश्विक एकता के संदेश का भी अद्भुत उत्सव बन गया। गंगा आरती के दिव्य दृश्य और सामूहिक प्रार्थना ने उपस्थित श्रद्धालुओं और साधकों को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का यह आयोजन भारत की प्राचीन योग परंपरा को विश्वभर में प्रसारित करने का सशक्त माध्यम बन रहा है। ऋषिकेश की आध्यात्मिक धरा पर आयोजित यह महोत्सव विश्व शांति, स्वास्थ्य और मानवता के कल्याण का संदेश दे रहा है।
ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव: परमार्थ निकेतन में चौथे दिन आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत

