हरिद्वार। पावन तीर्थनगरी हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध झालावाड़ गुजरात आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। कथा का शुभारंभ प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री महंत योग गुरु डॉ. साधनानंद जी महाराज के श्रीमुख से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा अमृत का पान किया।
कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धालु भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की गंगा में सराबोर होकर प्रभु स्मरण में लीन दिखाई दिए। संपूर्ण आश्रम परिसर हरिनाम संकीर्तन, भजन और दिव्य प्रवचनों से गुंजायमान रहा।
📖 भागवत महिमा का दिव्य संदेश
कथा व्यास पूज्य महाराज श्री ने अपने प्रवचनों में श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य माध्यम है। उन्होंने श्लोक उद्धृत करते हुए कहा—
“स वै पुंसां परो धर्मो यतो भक्तिरधोक्षजे।
अहैतुक्यप्रतिहता ययात्मा सुप्रसीदति॥”
अर्थात, मनुष्य का सर्वोत्तम धर्म वही है जिससे भगवान के प्रति निष्काम और अखंड भक्ति उत्पन्न हो तथा आत्मा को परम शांति प्राप्त हो।
🪔 ज्ञान से दूर होता अज्ञान का अंधकार
महाराज श्री ने एक प्रेरणादायक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जैसे अंधकार को दूर करने के लिए दीपक आवश्यक है, वैसे ही जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करने के लिए भगवान की कथा, सत्संग और संतों का सान्निध्य अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य जीवन को सही दिशा देकर उसे प्रभु चरणों की ओर अग्रसर करती है।
🙏 आयोजन में भक्तों की श्रद्धा
इस पावन कथा का आयोजन मुंबई से पधारे श्रद्धालु श्री ओमकार भाई, श्री विशाल भाई एवं उनके पूज्य पिता श्री गोपाल भाई वैगढ परिवार द्वारा श्रद्धा और भक्ति भाव से किया जा रहा है। परिवारजनों ने इसे अपने जीवन का परम सौभाग्य बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण एवं गुरुदेव की कृपा का परिणाम माना।
🎶 भक्तिमय वातावरण
आश्रम का वातावरण “जय श्रीकृष्ण” और “हरि बोल” के जयघोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने कथा के प्रथम दिवस का श्रवण कर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का संकल्प लिया और आगामी दिनों में अधिकाधिक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की कामना व्यक्त की।
🌼 आज का दिन: प्रथम दिवस – भक्ति का आरंभ
आज कथा का प्रथम दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने अपने जीवन में भक्ति और सत्संग को अपनाने का संकल्प लिया।
🌺 गुरुदेव महाराज के लिए समर्पित पंक्तियाँ 🌺
गुरुदेव आप वो दीप हैं, जो जीवन का अंधकार मिटाते हैं,
आपके चरणों में बैठकर हम सत्य का मार्ग पाते हैं।
आपकी वाणी अमृत बनकर हृदय में समा जाती है,
आपकी कृपा से ही आत्मा प्रभु से जुड़ जाती है।
हे गुरुदेव! आपकी कृपा दृष्टि सदा हम सभी पर बनी रहे,
और हम आपके बताए मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बना सकें। 🙏
श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

