हरिद्वार। हरिद्वार के श्रवणनाथ नगर में श्री गनपत गिरि संन्यास आश्रम द्वारा भव्य भंडारा एवं सत्संग-कीर्तन का आयोजन
हरिद्वार। श्रवणनाथ नगर, हरिद्वार स्थित श्री गनपत गिरि संन्यास आश्रम में आज भव्य भंडारे, सत्संग एवं भजन-कीर्तन का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आश्रम के संस्थापक पूज्य श्री महंत बैजनाथ गिरि जी (मढ़ी रिद्धनाथी गादी ट्रस्ट, जूना अखाड़ा) के सान्निध्य में तथा व्यवस्थापक महंत प्रागानन्द गिरि जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विभिन्न मठ-मंदिरों, अखाड़ों और आश्रमों से संत-महात्माओं के साथ-साथ दूर-दराज़ के शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित हुए। सभी भक्तों ने भजन-कीर्तन और सत्संग में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया तथा भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि संतों और समाज को निस्वार्थ भाव से समय-समय पर ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का आयोजन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म को आगे बढ़ाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने बच्चों को धर्म से जोड़ने की प्रेरणा देनी चाहिए।
गुरुजी ने आगे कहा कि दान, सत्संग, पूजन और भंडारे जैसे धार्मिक कार्यों से समाज में एकता और आध्यात्मिकता का प्रसार होता है। इससे नई पीढ़ी में सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा और आस्था बढ़ती है तथा वे अपने धर्म और संस्कृति के प्रति सदैव समर्पित रहते हैं।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित इस भव्य भंडारे और भजन-कीर्तन कार्यक्रम में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रसाद ग्रहण कर गुरुजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
हरिद्वार के श्रवणनाथ नगर में श्री गनपत गिरि संन्यास आश्रम द्वारा भव्य भंडारा एवं सत्संग-कीर्तन का आयोजन

