शिव महापुराण का हवन एवं भंडारे के साथ भव्य समापन, अबोहर भवन हरिद्वार में गूंजा हर-हर

शिव महापुराण का हवन एवं भंडारे के साथ भव्य समापन, अबोहर भवन हरिद्वार में गूंजा हर-हर महादेवअबोहर भवन, हरिद्वार में आयोजित शिव महापुराण कथा का आज दिनांक 24 फरवरी 2026, मंगलवार को विधिवत हवन, भंडारे और ब्राह्मण भोज के साथ भव्य समापन हुआ। समस्त अरोड़ा परिवार, कुंज गली द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।समापन दिवस पर आचार्यों के निर्देशन में हवन-पूजन सम्पन्न हुआ, जिसमें परिवारजनों और श्रद्धालुओं ने आहुति देकर भगवान शिव से सुख-शांति, आरोग्य और समृद्धि की प्रार्थना की। इसके पश्चात विशाल भंडारे एवं ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन के दौरान सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश देखने को मिला।भगवान शिव की महिमा और शिव महापुराण का आध्यात्मिक महत्वभगवान शिव को सृष्टि के संहारक ही नहीं, बल्कि करुणा, दया और कल्याण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। वे भोलेनाथ हैं—भक्तों की सच्ची श्रद्धा से शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव। शिव महापुराण में उनके दिव्य स्वरूप, लीलाओं, ज्योतिर्लिंगों की महिमा तथा धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा का विस्तार से वर्णन मिलता है।शिव महापुराण का श्रवण और पाठ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। मान्यता है कि इसके आयोजन से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह ग्रंथ समाज में सदाचार, संयम, भक्ति और सेवा भाव को सुदृढ़ करता है।कुंज गली के अरोड़ा परिवार द्वारा आयोजित यह शिव महापुराण कथा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का माध्यम भी सिद्ध हुई। भक्ति और समर्पण के साथ सम्पन्न हुआ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।हर-हर महादेव!

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