देहरादून। Vishwamangalya Sabha के तत्वावधान में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में आयोजित “मातृ संस्कार समागम” के द्वितीय सत्र में मातृशक्ति के साथ आत्मीय संवाद का प्रेरणादायी अवसर प्राप्त हुआ। सभागार में उपस्थित मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति, सांस्कृतिक वातावरण और संस्कारमय ऊर्जा ने पूरे परिसर को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा और दिशा प्रदान की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मातृशक्ति, संस्कार और संयुक्त परिवार भारतीय समाज की वह सुदृढ़ आधारशिला हैं, जिन पर सशक्त समाज और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। जब परिवार में संस्कारों का संचार होता है, तभी समाज में नैतिकता, संवेदनशीलता और समरसता का विकास होता है।
कार्यक्रम के दौरान “सप्त मातृशक्ति सम्मान” के अंतर्गत समाज के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली श्रीमती ममता राणा जी, श्रीमती ममता रावत जी, सुश्री शैला बृजनाथ जी, साध्वी कमलेश भारती जी, श्रीमती राजरानी अग्रवाल जी, श्रीमती मन्जू टम्टा जी तथा सुश्री कविता मलासी जी को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते समय पूरे सभागार में तालियों की गूंज और गौरव का वातावरण देखने योग्य था।
वक्ताओं ने कहा कि जब मातृशक्ति संगठन, सेवा और संस्कार के भाव से आगे बढ़ती है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वाभाविक रूप से आकार लेता है। “मातृ संस्कार समागम” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के पुनर्जागरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सम्मानित मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रही। पूरे आयोजन में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और नारी शक्ति के सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला।
विश्वमांगल्य सभा के तत्वावधान में “मातृ संस्कार समागम” का भावपूर्ण आयोजन

