भव्य आयोजन के साथ मनाया गया महाराजा भगीरथ जयंती एवं घाट स्थापना दिवस, गूंजा गंगा तट श्रद्धा और एकता के जयकारों से

भव्य आयोजन के साथ मनाया गया महाराजा भगीरथ जयंती एवं घाट स्थापना दिवस, गूंजा गंगा तट श्रद्धा और एकता के जयकारों से
हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र स्थित ग्राम बालावाली के पावन गंगा घाट पर रविवार को महाराजा भगीरथ जी की जयंती एवं घाट स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में आस्था, भक्ति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सुबह से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसमें किसान यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम का आयोजन किसान यूनियन पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय समाजसेवियों के नेतृत्व में किया गया।
इस दौरान किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष आनंद कुमार सैनी, जिला प्रभारी अमित सैनी, जिला मीडिया प्रभारी निशांत सैनी, बहादराबाद ब्लॉक अध्यक्ष शानू और विधिक सलाहकार जातीराम एडवोकेट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने गंगा संरक्षण और सामाजिक एकता पर विशेष बल दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि खानपुर विधायक उमेश कुमार और जिला पंचायत सदस्य रविपाल सैनी रहे। अतिथियों का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। विधायक उमेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा भगीरथ की कठोर तपस्या के कारण ही गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ, इसलिए गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की प्रतीक है। उन्होंने गंगा घाटों की स्वच्छता और संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया।
वहीं, जिला पंचायत सदस्य रविपाल सैनी ने बालावाली घाट को क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बताते हुए यहां निरंतर विकास कार्य कराने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शाम की भव्य गंगा आरती रही। दीपों की रोशनी से जगमगाते घाट पर सामूहिक आरती के दौरान “गंगा मैया की जय” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्ति संगीत और भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाओं और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई, वहीं स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर गंगा स्वच्छता को लेकर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया। उपस्थित लोगों ने गंगा को स्वच्छ रखने और प्लास्टिक मुक्त घाट बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि गंगा संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, ग्रामीणों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि समाज में एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को और मजबूत किया जा सके।

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