स्वामी नारायण भागवत धाम आश्रम में गूंजा भक्ति रस, रुक्मिणी विवाह प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित भुमानंद आश्रम रोड पर स्थित स्वामी नारायण भागवत धाम आश्रम में प्रातः स्मरणीय परम पूज्य स्वामी महात्मा स्वामी जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही पावन श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर भक्तजन अपने जीवन को धन्य एवं कृतार्थ बना रहे हैं।
कथा के दौरान आज भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी विवाह का अत्यंत भावपूर्ण और अलौकिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा के मधुर वर्णन, भक्ति रस से ओतप्रोत भजनों और श्रीकृष्ण नाम की पावन ध्वनि से संपूर्ण आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
रुक्मिणी विवाह का दिव्य प्रसंग सुनते ही श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे। कहीं हरिनाम संकीर्तन हुआ तो कहीं भक्तजन नृत्य एवं भजन-गायन में लीन नजर आए। पूरा क्षेत्र “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
कथा व्यास परम पूज्य स्वामी महात्मा स्वामी जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, भगवान स्वयं उसके जीवन को सुख, शांति और आनंद से परिपूर्ण कर देते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने का सरल, सहज और दिव्य माध्यम है
उनकी वाणी में ऐसी मधुरता, सरलता और आध्यात्मिक गहराई है कि श्रोता सहज ही भक्ति रस में डूब जाते हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत कथा न केवल धार्मिक ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने का मार्ग भी दिखाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य माना और प्रभु श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।

