हरिद्वार में जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज की 309वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा एवं धर्मसभा आयोजित

हरिद्वार में जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज की 309वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा एवं धर्मसभा आयोजित
हरिद्वार की पावन नगरी में परम पूज्य जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज की 309वीं जयंती के शुभ अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा एवं विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्माओं ने अपने प्रेरणादायक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और गुरु महिमा का संदेश दिया।
संतों ने एक स्वर में कहा कि जगद्गुरु आचार्य गरीब दास जी महाराज का जीवन सनातन धर्म की तपस्या, त्याग और लोककल्याण का अनुपम उदाहरण है।
महामंडलेश्वर अवधूत स्वामी ब्रह्म स्वरूप जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि उनका जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य का सच्चा धर्म ईश्वर भक्ति, गुरु सेवा और मानव सेवा में निहित है। उन्होंने संत समाज को धर्म की धुरी बताते हुए कहा कि यही समाज को सत्य मार्ग पर अग्रसर रखता है।
श्री महंत रवि देव महाराज ने कहा कि आचार्य गरीब दास जी महाराज की वाणी में ऐसा दिव्य तेज था, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर आत्मज्ञान का प्रकाश फैलाता है। उनके आदर्शों का अनुसरण ही समाज में शांति और सद्भाव स्थापित कर सकता है।
महंत दिनेश दास जी महाराज ने संत जीवन को त्याग और लोकमंगल के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि आचार्य गरीब दास जी महाराज द्वारा किए गए धर्म रक्षा और समाज उत्थान के कार्य युगों-युगों तक स्मरणीय रहेंगे।
महंत ज्ञानानंद जी महाराज ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही शिष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं और आचार्य गरीब दास जी महाराज ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि गुरु कृपा से ही जीवन का उद्धार संभव है।
स्वामी योगेंद्रानंद जी महाराज ने वर्तमान समय में संतों की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएँ मानवता, प्रेम और धर्म संरक्षण का संदेश देती हैं, जिन्हें अपनाना आज की आवश्यकता है।
महंत रामानंद जी पहलवान ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सत्य, सेवा और सदाचार का पालन ही सच्चा धर्म है।
स्वामी कृष्णदेव जी महाराज ने संत वाणी को ईश्वर का स्वरूप बताते हुए कहा कि आचार्य गरीब दास जी महाराज ने अपने उपदेशों से लाखों लोगों को भक्ति मार्ग पर अग्रसर किया।
स्वामी मोहन सिंह जी महाराज ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर होती है।
महंत जगजीत सिंह महाराज और महंत सूरज दास जी महाराज ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि संतों की शिक्षाएँ समाज को एकजुट करती हैं और धर्म के प्रति आस्था को मजबूत बनाती हैं।
इस भव्य आयोजन में निकली शोभायात्रा, गूंजते जयघोष, भजन-कीर्तन और संतों के दिव्य वचनों ने पूरे हरिद्वार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
सभी संतों ने इस जयंती महोत्सव को सनातन धर्म की दिव्यता, गुरु परंपरा की महिमा और भक्ति की अमर धारा का महापर्व बताते हुए कहा कि आचार्य गरीब दास जी महाराज के आदर्श युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर अनेक संत-महात्मा एवं विभिन्न आश्रमों, मठों और मंदिरों से आए श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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