गंगा तट पर आस्था की ज्योति
उत्तराखंड के पवित्र नगर ऋषिकेश में स्थित परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर रविवार की सुबह एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। पवित्र गंगा की कलकल ध्वनि, मंदिरों की घंटियों की मधुर गूंज और वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति की सुगंध फैल गई।
आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के नेतृत्व में ऋषि कुमारों ने भारत की जीत के लिए विशेष हवन-यज्ञ किया। गंगा किनारे सजाई गई यज्ञ वेदी पर आहुति देते हुए सभी ने एक स्वर में भारतीय टीम की सफलता और देश की प्रतिष्ठा के लिए प्रार्थना की। यह दृश्य आध्यात्मिक ऊर्जा और देशभक्ति का अद्भुत संगम बन गया, जहाँ हर आहुति के साथ “भारत विजय हो” की कामना आकाश में गूंजती रही।
भारत-न्यूजीलैंड मुकाबले के लिए प्रार्थनाओं का संगम
आज का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास है क्योंकि ICC Men’s T20 World Cup के फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड की टीम आमने-सामने हैं। यह ऐतिहासिक और रोमांचक मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेला जा रहा है।
इसी महत्वपूर्ण अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की भावना और एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि भारत की जीत के लिए की गई यह प्रार्थना केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राष्ट्र की सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता का प्रतीक है।
गंगा तट पर जलती यज्ञ अग्नि, मंत्रोच्चार की पवित्र ध्वनि और भारतीय टीम के लिए उठती प्रार्थनाएँ यह संदेश दे रही थीं कि जब खेल और आध्यात्मिकता का संगम होता है, तो पूरे देश की उम्मीदें एक साथ जुड़ जाती हैं। ऐसे पवित्र माहौल में हर किसी के दिल से एक ही आवाज निकल रही थी—“भारत विजयी हो।” 🇮🇳✨
गंगा तट पर आस्था की ज्योति-आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के नेतृत्व में ऋषि कुमारों ने भारत की जीत के लिए विशेष हवन-यज्ञ

