हरिद्वार। ब्रह्मलीन साध्वी प्रेम बाईसा जी को श्रद्धांजलि: सनातन संस्कृति की अमर धरोहर गुरु विरामनाथ जी ने की अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री रवींद्र पुरी जी से भेंट
आज एक भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक क्षण देखने को मिला, जब जोधपुर के पूज्य श्री विरामनाथ जी महाराज अपनी सुपुत्री एवं शिष्या, ब्रह्मलीन साध्वी प्रेम बाईसा जी के सपनों को साकार करने एवं उनकी आत्मा की शांति हेतु संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य महंत रवींद्र पुरी जी महाराज से आशीर्वाद लिया।
महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में साध्वी प्रेम बाईसा जी के जीवन और उनके आध्यात्मिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने छोटे से जीवनकाल में अद्भुत और प्रेरणादायक कार्य किए। उनकी कथाएं, भजन और कीर्तन न केवल भक्तों के हृदय को स्पर्श करते थे, बल्कि सनातन धर्म की अमूल्य धरोहर के रूप में सदैव जीवित रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा जी का व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य था, जिसने समाज में भक्ति, प्रेम और संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित की। उनकी वाणी और भक्ति भाव आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।

