हरिद्वार। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से कार्य कर रही पहली पहल एजुकेशनल सोसायटी ने एक सराहनीय पहल शुरू की है, जिसने हजारों महिलाओं और बेटियों के जीवन में जागरूकता की नई रोशनी जगाई है। मासिक धर्म जैसे विषय पर जहां आज भी गांवों और बस्तियों में झिझक और चुप्पी बनी रहती है, वहीं संस्था ने इस संवेदनशील मुद्दे को खुलकर उठाते हुए “पैड बैंक” की शुरुआत की है।
इस पहल के माध्यम से संस्था घरों में काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों को निःशुल्क सैनिटरी पैड उपलब्ध कराती है और उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करती है। संस्था का सपना है कि कोई भी बेटी या महिला मजबूरी में अस्वच्छ कपड़ों का उपयोग न करे और हर महिला को स्वच्छता तथा सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले।
पहली पहल एजुकेशनल सोसायटी केवल बच्चों को शिक्षा देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, सम्मान और जागरूकता की नई सोच भी विकसित कर रही है। संस्था अपने कार्यों के माध्यम से यह साबित कर रही है कि
“एक एनजीओ केवल पढ़ाता ही नहीं, बल्कि समाज में बदलाव भी लाता है।”
इसी क्रम में संस्था द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली कई प्रेरणादायी महिला हस्तियों को सम्मान चित्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान “नारी शक्ति का घर से आसमान तक का सफर” विषय पर चर्चा भी की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शहर की मेयर किरण जैसल जी उपस्थित रहेंगी। साथ ही उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की भूतपूर्व पहली महिला अध्यक्ष संतोष चौहान, राज्य महिला आयोग की सदस्य कमला जोशी, शहर के डॉक्टर, वकील, समाजसेवी और शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल होकर महिलाओं को प्रोत्साहित करेंगे।
यह कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो समाज में सकारात्मक सोच को और मजबूत
पहली पहल एजुकेशनल सोसायटी की अनूठी पहल – ‘पैड बैंक’ से महिलाओं में जागरूकता और सम्मान का संदेश”

