हरिद्वार के भारत माता पुरम स्थित एकादश रुद्र पीठ में भव्य वार्षिक महोत्सव सम्पन्नसंत समागम एवं सम्मान समारोह में उमड़ा श्रद्धा का सागर


हरिद्वार। हरिद्वार के भारत माता पुरम स्थित एकादश रुद्र पीठ में वार्षिक महोत्सव के पावन अवसर पर भव्य संत समागम एवं सम्मान समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संयोजन आश्रम के परमाध्यक्ष, पूज्य महामंडलेश्वर राजगुरु स्वामी संतोषानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद जी महाराज ने कहा कि गंगा तट पर संतों का सानिध्य प्राप्त होना परम सौभाग्य की बात है। मोक्षदायिनी मां गंगा के दर्शन और गंगाजल के आचमन मात्र से ही मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि पूज्य राजगुरु स्वामी संतोषानंद सरस्वती महाराज भक्ति, ज्ञान और सेवा के माध्यम से असंख्य भक्तों के जीवन को आलोकित कर रहे हैं तथा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अपने आशीर्वचन में पूज्य महामंडलेश्वर राजगुरु स्वामी संतोषानंद सरस्वती महाराज ने उपस्थित संत-महापुरुषों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु ही परमात्मा का साक्षात स्वरूप होते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलने वाला शिष्य जीवन में अवश्य सफल और कल्याणकारी बनता है। उन्होंने कहा कि आश्रम की सेवा परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मानवता की सेवा और लोककल्याण ही उनका प्रमुख उद्देश्य है।
स्वामी रविदेव शास्त्री एवं स्वामी हरिहरानंद जी महाराज ने कहा कि निर्मल जल के समान पवित्र और सरल जीवन व्यतीत करने वाले पूज्य स्वामी संतोषानंद महाराज का त्याग, तप और साधना सभी भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके मार्गदर्शन में भक्तगण जिस प्रकार समाज के जरूरतमंद वर्ग की सेवा में तत्परता से योगदान दे रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है।
इस अवसर पर स्वामी हरिचेतनानंद, महंत राघवेंद्र दास, स्वामी जगतेश्वरानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, महंत सूर्याश मुनि, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी कमलेशानन्द, महंत जमनादास सहित सभी तेरह अखाड़ों के संत-महापुरुष एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य अतिथियों एवं कवियों — रामलखन शर्मा, अंकित, प्रीतपाल सिंह, राजावत, सीता भिंड, धीरेंद्र भटाना, जगमोहन श्रीवास्तव, अनिल राही, माला श्रीवास्तव एवं राजीव मिश्रा — को सम्मानित किया गया।
समारोह आध्यात्मिक उल्लास, संत-वाणी और गुरु कृपा के दिव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ, जहाँ श्रद्धा और भक्ति की गंगा अविरल प्रवाहित होती रही।

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