हरिद्वार में जनसुनवाई का असर
78 में से 42 शिकायतों का मौके पर निस्तारण, शेष पर सख्त निर्देश
जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 78 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन कार्ड, अतिक्रमण, पेयजल, पंचायतीराज तथा शिक्षा सहित अनेक विषयों से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
सैनिक कॉलोनी पथरी निवासी प्रवीण शर्मा ने रेलवे स्टेशन के समीप एक कंपनी द्वारा भारी वाहनों के संचालन से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और धूल प्रदूषण की समस्या उठाई। उन्होंने गड्ढे भरवाने एवं नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की।
जगदीश नगर ज्वालापुर निवासी सतीश कुमार अरोड़ा ने हरिलोक आवासीय योजना के अंतर्गत खरीदे गए भूखंड के आंशिक अधिग्रहण के बावजूद वर्ष 2014 से लंबित मुआवजा राशि के भुगतान की मांग रखी।
शिव गंगा विहार कॉलोनी (धनौरी सिडकुल लिंक मार्ग) के निवासियों ने क्षतिग्रस्त पुल और जल निकासी व्यवस्था के अभाव में जलभराव की गंभीर समस्या से अवगत कराया। ग्राम गाढमीरपुर निवासी तेजपाल सिंह ने अन्नेकी हेतमपुर स्थित अपनी कृषि भूमि तक जाने वाले चकरोड से अवरोध हटवाने की मांग की।
हलजोरा इब्राहिमपुर निवासी सचिन सिंह ने घर के बाहर कूड़ा डाले जाने से फैल रही गंदगी और बीमारी के खतरे पर कार्रवाई की मांग की। वहीं महेवड़ कला निवासी अंतर सिंह ने मौजा गोपालपुर स्थित भूमि से जुड़े सार्वजनिक मार्ग को अभिलेखों के अनुरूप बहाल कराने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें विभागीय समन्वय बनाकर शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि एक ही समस्या को लेकर शिकायतकर्ता को दोबारा जनसुनवाई में न आना पड़े, अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 461 तथा एल-2 स्तर पर 95 शिकायतें लंबित पाई गईं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर संवाद स्थापित कर संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर. के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में जनसुनवाई का असर 78 में से 42 शिकायतों का मौके पर निस्तारण, शेष पर सख्त निर्देश

