गंगा की गोद से निकाला गया कई टन कचरा, पुराने कपड़े और गंदगी; संतों, कारसेवकों और श्रद्धालुओं ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता एवं सेवा का संदेश
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव जी महाराज की दंडवत यात्रा में देश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा के तट पर स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। करौली शंकर महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों की सफाई कर स्वच्छता और सेवा का संदेश दिया।सुबह से शुरू हुए इस विशेष स्वच्छता अभियान में दंडवत यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के साथ मिश्री मठ से जुड़े कारसेवकों, स्थानीय लोगों और विभिन्न अखाड़ों के संतों ने भी पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया। सभी ने मिलकर गंगा घाटों और आसपास के क्षेत्रों से पुराने कपड़े, कूड़ा-कचरा एवं अन्य गंदगी को बाहर निकाला।
अभियान के दौरान गंगा की गोद से कई टन कचरा एकत्रित किया गया, जिसे नगर निगम के ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहनों के माध्यम से निस्तारण के लिए डंपिंग जोन भेजा जा रहा है। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में नगर निगम की टीमें भी सफाई व्यवस्था में जुटी रहीं। घाटों को स्वच्छ बनाने के लिए श्रद्धालुओं ने पूरी तन्मयता और समर्पण के साथ अपना योगदान दिया।
इस दौरान कई अखाड़ों के संत-महात्माओं का स्वयं सफाई अभियान में उतरना भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। स्थानीय लोगों ने भी अभियान में सहयोग करते हुए श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
दंडवत यात्रा के साथ स्वच्छता अभियान का यह आयोजन केवल घाटों की सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज को यह संदेश भी दिया कि मां गंगा की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। हजारों हाथों ने मिलकर गंगा तट पर सेवा, समर्पण और स्वच्छता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसमें आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी स्पष्ट दिखाई दिया।






