चारों धामों की यात्रा पूर्ण कर हरिद्वार लौटी पावन छड़ी यात्रा, श्यामपुर कांगड़ी आश्रम में पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ हुआ भव्य स्वागत

सनातन धर्म की परंपरा और विश्व कल्याण का संदेश लेकर निकली छड़ी यात्रा का संत-महात्माओं ने किया पूजन-अर्चन, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की

हरिद्वार। उत्तराखंड के चारों धामों की पावन यात्रा पूर्ण कर हरिद्वार वापस लौटी प्राचीन छड़ी यात्रा का श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्री प्रेमगिरी वनखंडी धाम आश्रम में फूलों की वर्षा एवं गगनभेदी जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया गया। छड़ी यात्रा के आश्रम पहुंचते ही पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर पावन छड़ी का अभिनंदन किया। इसके पश्चात विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ छड़ी की पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश और समस्त विश्व के कल्याण की कामना की गई।

परम पूज्य गुरु भगवान एवं जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी जी महाराज तथा अंतरराष्ट्रीय सभापति परम पूज्य प्रेम गिरी जी महाराज के पावन मार्गदर्शन एवं सानिध्य में निकली यह छड़ी यात्रा सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का संदेश लेकर उत्तराखंड के चारों धामों की यात्रा पर निकली थी। यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद हरिद्वार लौटने पर संत समाज और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस पावन अवसर पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर पूज्य संजय गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर गर्व गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी जी महाराज, थानापति महंत मनोज गिरी जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने छड़ी की पूजा-अर्चना की और सनातन धर्म की इस गौरवशाली परंपरा को नमन किया।

महामंडलेश्वर संजय गिरी जी महाराज ने कहा कि प्राचीन काल से चली आ रही पावन छड़ी यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि देश की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और संपूर्ण विश्व के कल्याण की मंगलकामना का प्रतीक है। यह यात्रा सनातन धर्म की आस्था, संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसी धार्मिक यात्राओं से समाज में आध्यात्मिक चेतना, धर्म के प्रति श्रद्धा और एकता की भावना मजबूत होती है।

छड़ी यात्रा के दौरान पावन छड़ी प्राचीन सिद्धपीठ श्री गंगेश्वर महादेव एवं ज्ञान गंगा कुटीर भी पहुंची, जहां महंत मनोज गिरी जी महाराज, महंत बालकृष्णानंद गिरी जी महाराज सहित अन्य संत-महापुरुषों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान संतों ने छड़ी यात्रा की परंपरा को सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके निरंतर संचालन को आवश्यक बताया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर संजय गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर गर्व गिरी जी महाराज, थानापति श्री नारायण गिरी जी महाराज, महंत सुरेश गिरी जी महाराज, मंडल महंत चेतन गिरी जी महाराज, कोठारी थानापति किशन गिरी जी महाराज, महंत रणधीर गिरी जी महाराज, महंत पूर्ण गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरी जी महाराज, महंत कृष्णानंद गिरी जी महाराज, महंत धीरेंद्र पुरी जी महाराज, श्रीमहंत ग्वाला पुरी जी महाराज, महंत अजीत गिरी जी महाराज, थानापति महंत तूफान गिरी जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त सोनीपत से पहुंचे भक्त पवन तायल, प्रेम तायल, सुभाष तायल, सुनील गोयल एवं राम अवतार शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता कर पावन छड़ी के दर्शन किए और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।

चारों धामों की यात्रा पूर्ण कर लौटी पावन छड़ी यात्रा के भव्य स्वागत और पूजन-अर्चन के साथ आश्रम परिसर में धर्म, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच संपन्न यह आयोजन सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक बना।

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