शरद पूर्णिमा पर 87वाँ स्वामी रामतीर्थ विराट वेदांत सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से मिशन के प्रति व्यक्त किया समर्पण, कैबिनेट मंत्रियों एवं संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही

देहरादून। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर 87वाँ स्वामी रामतीर्थ विराट वेदांत सम्मेलन स्वामी रामतीर्थ मिशन, देहरादून में श्रद्धा, आध्यात्मिकता एवं भव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में वेदांत दर्शन, आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के महत्व पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर देश-प्रदेश के प्रमुख संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा स्वामी रामतीर्थ मिशन के प्रति अपना समर्पण व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के संदेश ने सम्मेलन के आध्यात्मिक उद्देश्यों और मिशन की विचारधारा को आगे बढ़ाने के संकल्प को विशेष महत्व प्रदान किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री आदरणीय श्री सतपाल महाराज जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी जी, पूज्य महामंडलेश्वर करौली शंकर जी महाराज, बिजनौर की आदरणीया श्रीमती कल्पना पांडेय जी (जज) तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही।

सम्मेलन की अध्यक्षता पूज्य परमाध्यक्ष डॉ. स्वामी शिवचंद्र दास जी महाराज ने की। वहीं, आदरणीय श्री लव मल्होत्रा जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।

शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित इस विराट वेदांत सम्मेलन ने आध्यात्मिक ज्ञान, आत्मचिंतन, सदाचार और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का संदेश दिया। सम्मेलन के माध्यम से वेदांत की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक विचारधारा को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का सफल आयोजन स्वामी रामतीर्थ जी की आध्यात्मिक विरासत और उनके वेदांत दर्शन के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण का प्रतीक रहा। संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों की सहभागिता के साथ 87वाँ स्वामी रामतीर्थ विराट वेदांत सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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