🕉️ गुरु स्मृति में संस्कृत वेद विद्यालय का शुभारंभ — हरिद्वार में श्रद्धा और संस्कृति का संगम
“गुरु के आदर्श केवल स्मृतियों में नहीं, बल्कि समाज के उत्थान के कार्यों में जीवंत रहते हैं।”
हरिद्वार में श्री अवधूत मंडल आश्रम, बाबा हीरादास हनुमान मंदिर, सिंहद्वार ज्वालापुर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने अपने पूज्य गुरु महामंडलेश्वर स्वामी सत्यदेव महाराज की 22वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की। उनकी स्मृति में “स्वामी सत्यदेव संस्कृत वेद विद्यालय” का शुभारंभ किया गया, जो भारतीय संस्कृति और वैदिक शिक्षा के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
संस्कृत और वेद शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
इस नवस्थापित विद्यालय में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को संस्कृत एवं वेदों की शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्राप्त होगा। यह विद्यालय नई पीढ़ी को संस्कार, आध्यात्मिक ज्ञान और भारतीय परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य अतिथि ने किया उद्घाटन
विद्यालय का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि मदन कौशिक द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्कृत और वेद शिक्षा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित और प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। ऐसे संस्थान युवाओं को नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते हैं।
🌼 गुरु के जीवन से मिलती है प्रेरणा
इस अवसर पर महामंडलेश्वर डॉ स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने कहा कि स्वामी सत्यदेव महाराज का संपूर्ण जीवन सेवा, साधना और धर्म प्रचार को समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा और प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं।
🙏 गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी, कुलपति रमाकांत पांडेय, आईएएस सचिन कुर्वे, आईएएस विनय शंकर पाण्डेय, आईआरएस अजय केसरी, आईपीएस राजकुमार सिंह, डीएम मयूर दीक्षित, मेलाधिकारी सोनिका, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मेयर किरण जैसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा वातावरण
कार्यक्रम में साध्वी नेहा आनंद, बाबा बालक दास, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी शिवानंद, आचार्य विष्णु दत्त राकेश, स्वामी श्यामदास महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम संयोजक एवं श्रद्धालुओं—लक्ष्मी गायत्री होटल्स प्रा. लि., लक्ष्मी गायत्री हॉस्पिटल प्रा. लि., शिवा रमा, राजू दांडू, वैकंटा, सत्या दांडू (हैदराबाद) आदि—ने भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पूरे आयोजन को श्रद्धामय वातावरण प्रदान किया।
समापन संदेश:
“गुरु की स्मृति में किया गया हर सत्कर्म समाज के लिए एक नई दिशा और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर बन जाता है।”

