होमगार्ड गंभीर हादसे का शिकार हादसे में होमगार्ड रविंद्र सैनी
हरिद्वार। ज्वालापुर से बहादुरपुर जट्ट गांव की ओर जाने वाली सड़क पर एक बड़ा और गहरा गड्ढा एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही का उदाहरण बनकर सामने आया है। शुक्रवार सुबह करीब 6:40 बजे इसी गड्ढे के कारण एक होमगार्ड गंभीर हादसे का शिकार हो गया। हादसे में होमगार्ड रविंद्र सैनी घायल हो गए, जबकि उनकी मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय हल्की रोशनी और सड़क पर गड्ढे की स्पष्ट पहचान न हो पाने के कारण रविंद्र सैनी अचानक संतुलन खो बैठे और सीधे गड्ढे में गिर पड़े। गिरते ही उन्हें चोटें आईं और उनकी बाइक भी टूट गई। आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें संभाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। स्थानीय लोगों का कहना है। कि इस सड़क पर लंबे समय से गड्ढा बना हुआ है। लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक इसकी सुध नहीं ली। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो गड्ढे की मरम्मत की गई और न ही किसी प्रकार की चेतावनी पट्टी या संकेतक लगाए गए हैं। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोग खतरे में रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग ज्वालापुर और बहादुरपुर जट्ट के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहां से रोजाना सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, काम पर जाने वाले कर्मचारी और ग्रामीण सभी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
चांद सिंह, निवासी बहादुरपुर जट्ट ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन की अनदेखी के कारण एक होमगार्ड को चोटिल होना पड़ा। उन्होंने अपील की कि इस मामले को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए ताकि संबंधित विभाग जागे और जल्द से जल्द गड्ढे की मरम्मत कराई जा सके। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है। कि अगर समय रहते इस गड्ढे को ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है। कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जहां-जहां गड्ढे हैं। वहां चेतावनी संकेत लगाए जाएं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रखरखाव की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक आम जनता और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को ऐसी लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। और कब तक इस खतरनाक गड्ढे को भरकर लोगों को राहत दी जाती है। फिलहाल क्षेत्र के लोग डरे और नाराज दोनों हैं, और जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

