“शहीदों को भूलने वाला देश नए वीर नहीं गढ़ सकता” – जितेन्द्र रघुवंशी, 13 अप्रैल को निकलेगी सम्मान यात्रा
हरिद्वार, 5 अप्रैल:
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान “हर महीने प्रथम रविवार, दस बजे दस मिनट – स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के नाम” के अंतर्गत देशभर के लगभग 350 जिलों में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और शहीद स्थलों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
हरिद्वार जिले में यह आयोजन अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क (जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर), वटवृक्ष सुनहरा, स्वतंत्रता सेनानी स्तंभ भगवानपुर, लक्सर, रुड़की, बहादराबाद और हरिद्वार में संपन्न हुआ। मुख्य कार्यक्रम ज्वालापुर स्थित शहीद जगदीश वत्स पार्क में आयोजित किया गया, जहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने, जितेन्द्र रघुवंशी, नायब तहसीलदार प्रताप सिंह और पार्षद हरविंदर सिंह ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने कहा,
“जिस देश के निवासी स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को भूल जाते हैं, वे देश में नए शूरवीर नहीं पैदा कर सकते।”
उन्होंने बताया कि यह अभियान 40 महीने पूर्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्मस्थली कटक से शुरू हुआ था, जो आज देशभर में एक जनआंदोलन बन चुका है और 23 प्रांतों में सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि इसी क्रम में 13 अप्रैल को हरिद्वार में ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद सम्मान यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा प्रातः 9 बजे शहीद जगदीश वत्स पार्क, जटवाड़ा पुल से शुरू होकर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज तक पहुंचेगी। इसके पश्चात दोपहर 12:30 बजे कॉलेज सभागार में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन में 102 वर्षीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे ले. आर. माधवन, 116 वर्षीय स्वामी लेखराज जी, शतायु आनंद सिंह बिष्ट और वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आयुष मंत्री मदन कौशिक, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक आदेश चौहान और आचार्य बालकृष्ण के भी शामिल होने की सहमति प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार प्रताप सिंह ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान देशभक्ति की भावना को जागृत करने का एक अनुकरणीय प्रयास है। वहीं, स्वतंत्रता सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने अपने पिता ठाकुर तुंगल सिंह के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए बताया कि उन्होंने समाज में समानता लाने के लिए जातिवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्य किए।
चेतनापथ के संपादक अरुण पाठक ने स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को सहेजने के लिए संग्रहालय बनाने का सुझाव दिया, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके।
इस अवसर पर डॉ. वेद प्रकाश आर्य, देशबंधु, अर्जुन सिंह राणा, सुरेश चंद्र सुयाल, हरविंदर सिंह (पार्षद), सूनृता विद्यालंकार, आशा रघुवंशी, पद्मा देवी आर्य, डॉ. शालिनी, आयुष त्यागी, अशोक दिवाकर, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, अरुण पाठक, डॉ. संजय कुमार चौबे, वीरेन्द्र गहलोत, कैलाश चंद्र वैष्णव, नरेंद्र कुमार वर्मा, प्रमेश चौधरी, अरविंद कौशिक, सुरेंद्र लाल छाबड़ा, कमल छाबड़ा, रमेश चंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शहीदों को भूलने वाला देश नए वीर नहीं गढ़ सकता” – जितेन्द्र रघुवंशी, 13 अप्रैल को निकलेगी सम्मान यात्रा

