हरिद्वार में ‘आदिशक्ति गौ रक्षा अखाड़ा’ का भव्य शुभारंभ, महापट्टाभिषेक समारोह में उमड़ा संत समाज

हरिद्वार में ‘आदिशक्ति गौ रक्षा अखाड़ा’ का भव्य शुभारंभ, महापट्टाभिषेक समारोह में उमड़ा संत समाज
हरिद्वार (भूपतवाला), 25 अप्रैल 2026
गौ माता की रक्षा, सनातन धर्म के संरक्षण और संत समाज के संगठन के उद्देश्य से ‘आदिशक्ति गौ रक्षा अखाड़ा’ का विधिवत गठन हरिद्वार के पावन क्षेत्र भारत माता पुरम (भट्टा कॉलोनी), भूपतवाला में भव्य महापट्टाभिषेक समारोह के साथ संपन्न हुआ।
यह आयोजन वैदिक विधि-विधान, संतों के आशीर्वाद और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया गया।
संतों की गरिमामयी उपस्थिति
देशभर से पधारे संत-महात्माओं, धर्माचार्यों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में अखाड़ा परंपरा के अनुसार नव नियुक्त महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर एवं महंतों का विधिवत पट्टाभिषेक किया गया।
अखाड़ा प्रमुख का संदेश
अखाड़ा प्रमुख/आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी श्री शिवम जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा
“यह अखाड़ा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि गौ माता की रक्षा, सनातन धर्म की पुनर्स्थापना और राष्ट्र के आध्यात्मिक उत्थान का दिव्य संकल्प है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह समारोह संतों को केवल पद नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और धर्म पालन का दायित्व प्रदान करता है।
मुख्य अतिथि का विचार
मुख्य अतिथि जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री योगेश्वराचार्य जी महाराज ने कहा—
“गौ माता भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। गौ रक्षा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व है।”
अन्य संतों के विचार
स्वामी श्री दीपकेश्वरानंद जी महाराज:
“गौ सेवा के बिना सनातन धर्म अधूरा है।”
स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज:
“यह आयोजन समाज को जागृत करने का माध्यम है।”
स्वामी श्री कैलाशनंद जी महाराज (अध्यक्ष):
“नव नियुक्त संतों को सेवा, त्याग और जनकल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न आयोजन
समारोह का शुभारंभ वेद मंत्रोच्चार, हवन-पूजन एवं गुरु वंदना के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण बना रहा।
भव्य व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं और संतों के लिए भंडारा, आवास और अन्य व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गईं, जिसकी सभी ने सराहना की।
समापन
समारोह का समापन आशीर्वचन, प्रसाद वितरण और गौ माता की सेवा एवं राष्ट्र कल्याण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
यह आयोजन ‘आदिशक्ति गौ रक्षा अखाड़ा’ के एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक प्रारंभ के रूप में देखा जा रहा है।
हरिद्वार में आयोजित यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज को गौ रक्षा और सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में उभरा।

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