स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का सप्तम समाधि दिवस श्रद्धापूर्वक संपन्न
स्वामी अवधेशानंद गिरि जी की अध्यक्षता में हुआ आयोजन, समाधि स्थल पर विशेष पूजन व रजत छत्र अर्पण
हरिद्वार, 25 जून।
विश्वविख्यात भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन जगद्गुरु स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का सप्तम समाधि दिवस आज अत्यंत श्रद्धा एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट के तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज की अध्यक्षता एवं सान्निध्य में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालुओं ने गुरुदेव को भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा को संबोधित करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि गुरुदेव का जीवन भारतीय अध्यात्म की महान परंपरा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गुरु शाश्वत चेतना हैं और उनका आदर्श ही सच्चे अर्थों में हमारा मार्गदर्शक है। उनके अनुसार, गुरुदेव की सच्ची उपासना उनके बताए मार्ग पर चलने में है।
समाधि दिवस के अवसर पर राघव कुटीर, हरिपुर कलां स्थित समाधि मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक एवं महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश के आगर-मालवा से आए श्रद्धालु दिलीप सोनी एवं अर्चना सोनी द्वारा रजत छत्र अर्पित किया गया।
इस मौके पर ट्रस्ट बोर्ड की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सेवा प्रकल्पों के विस्तार एवं मंदिर के विकास कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि, स्वामी ललितानंद गिरि सहित अनेक संतों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का सप्तम समाधि दिवस श्रद्धापूर्वक संपन्न

