श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जीवन होता है धन्य : दिलीपभाई परमार

श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जीवन होता है धन्य : दिलीपभाई परमार
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री नकलक धाम आश्रम में स्वर्गीय सरदार सिंह मोतीभाई परमार जी की पावन स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह महापुराण कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन का संचालन चेतन सिंह परमार एवं उनके समस्त परिजनों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
कथा के प्रथम दिवस पर कथा व्यास पूज्य केशरी जी महाराज ने भगवान की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका सर्वोत्तम उपयोग भगवान के नाम स्मरण, सत्संग तथा श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण में ही निहित है। उन्होंने कहा कि सांसारिक जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को आध्यात्मिक मार्ग की ओर अग्रसर करना चाहिए।
उन्होंने राजा परीक्षित और श्री शुकदेव जी महाराज के पावन संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि जब मनुष्य को जीवन की नश्वरता का बोध होता है, तब वह मोह-माया से ऊपर उठकर भगवान की शरण में जाता है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने अपने अंतिम समय में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर मोक्ष प्राप्त किया, उसी प्रकार श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा सुनने वाला हर व्यक्ति आध्यात्मिक शांति और परम कल्याण को प्राप्त करता है।
इस अवसर पर गुजरात के मोगल धाम, भायला से पधारे श्रद्धेय दिलीपभाई परमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भक्ति, सत्संग और श्रीमद्भागवत कथा ही मनुष्य जीवन की वास्तविक सार्थकता है। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से मनुष्य का मन निर्मल होता है, जीवन में सद्गुणों का विकास होता है और व्यक्ति में भगवान के प्रति समर्पण का भाव उत्पन्न होता है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और भगवान के गुणगान से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्तजन कथा रस में डूबकर भावविभोर होते नजर आए। आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस धार्मिक आयोजन में डी.पी. दिलीपभाई परमार, मेहुलभाई पुरोहित सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा अमृत का रसास्वादन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
विशेष रूप से पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हरिद्वार की पवित्र धरा पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बना रहे

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