हरिद्वार, 14 मार्च।
श्रीगोविन्द घाट, हरिद्वार में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का शनिवार को भक्ति और उल्लास के माहौल में भव्य समापन हो गया। 8 मार्च से 14 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सायं 4:00 से 7:00 बजे तक आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा का रसपान किया।
कथा के अंतिम एवं सातवें दिन कथा व्यास श्रीभक्तिवेदांत सिद्धान्ती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण के सौम्य स्वरूप, उनकी बाल लीलाओं और भक्तों के प्रति उनके प्रेम का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन को भक्ति, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर भाव-विभोर हो गए।
कथा के दौरान भक्तगण भजन-कीर्तन में लीन होकर भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया तथा फूलों की होली खेलकर भगवान के प्रति प्रेम और आनंद का उत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन Pride Elite, हरिद्वार (ज्वालापुर) द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस सात दिवसीय कथा महोत्सव का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक संस्कारों का प्रसार करना है। कथा के समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक और भक्तिमय बताया।
भक्ति और उल्लास से भरे इस वातावरण के साथ 14 मार्च को श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हो
फूलों की होली और प्रसाद वितरण के साथ हुआ श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का भव्य समापन

