भारतीय किसान यूनियन (नैन) के राष्ट्रीय अधिवेशन में गूंजे किसान हितों के मुद्दे
हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन (नैन) के तत्वावधान में हरिद्वार स्थित अलकनंदा घाट पर आयोजित किसान शिविर एवं विशाल अधिवेशन में देश के लगभग 6 से 7 राज्यों से आए किसानों ने भाग लिया। अधिवेशन में किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर व्यापक चर्चा की गई तथा उत्तराखंड सरकार के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में किसानों ने विशेष रूप से उत्तराखंड में आवारा एवं जंगली पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की कि फसलों की सुरक्षा का समुचित प्रबंध राज्य सरकार स्वयं करे। साथ ही जंगली जानवरों के हमलों से किसानों की शारीरिक क्षति अथवा मृत्यु होने की स्थिति में उचित आर्थिक मुआवजा तथा प्रभावित परिवारोंकेभरण-पोषण की व्यवस्थासुनिश्चितकी जाए।
किसानों ने भूमि एवं मानव स्वास्थ्य सुधार की दृष्टि से फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि यदि गेहूं, धान एवं कपास जैसी पारंपरिक फसलों के स्थान पर चना, मूंग, बाजरा, तिलहन एवं दलहन की खेती को प्रोत्साहित किया जाए तो इससे भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य में सुधार होगा। उत्पादन में संभावित कमी की भरपाई हेतु सरकार द्वारा किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने की मांग की गई।
अधिवेशन में उत्तरकाशी जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से सेब उत्पादकों को हुए नुकसान का शीघ्र मुआवजा दिए जाने की भी मांग उठाई गई। इसके अतिरिक्त जनपद हरिद्वार में सिंचाई विभाग द्वारा नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि में से वह भूमि, जिसका उपयोग नहीं हुआ है अथवा निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शेष बची हुई है, उसे किसानों को वापस लौटाने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, जिससे कृषि एवं किसान दोनों सुरक्षित और समृद्ध हो सकें।
इस अवसर पर उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार राजपूत, उत्तराखंड प्रभारी श्री सुरेश कुमार चिल्लर, देहरादून जिला अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम गरोला, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता श्री रूपेश कुमार सहित अनेक पदाधिकारियों एवं किसानों ने उपस्थित अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर माननीय मुख्यमंत्री से सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।

