गंगा भक्ति आश्रम का 45वां स्थापना दिवस: विशाल संत समागम के रूप में भक्ति एवं श्रद्धा के साथ संपन्न
हरिद्वार। खड़खड़ी स्थित प्रसिद्ध गंगा भक्ति आश्रम का 45वां स्थापना दिवस अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विशाल संत समागम के रूप में मनाया गया। मां गंगा के पावन तट पर आयोजित इस दिव्य कार्यक्रम ने समूचे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
यह पावन आयोजन प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान राघवेंद्रानन्द महाराज की कृपा एवं आशीर्वाद से तथा परमात्मा स्वरूप महंत स्वामी कमलेशानन्द जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान संत महापुरुषों के श्रीमुख से प्रवाहित दिव्य ज्ञान गंगा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
पूरे समारोह में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। संतों के पावन वचनों एवं गुरु महिमा के प्रभावशाली वर्णन ने श्रद्धालुओं के हृदय में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में स्वामी कमलेशानन्द जी महाराज ने कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देने वाले सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं। गुरु कृपा से ही मानव जीवन सफल, सार्थक और कल्याणकारी बनता है।
इस भव्य संत समागम में महंत दुर्गादास महाराज, महंत प्रह्लाद दास महाराज, महंत सूरज दास महाराज, महंत वीरेंद्रानंद महाराज, अनिरुद्ध भाटी, महंत मोहन सिंह महाराज, महंत राघवेंद्र दास महाराज, महंत बिहारी शरण महाराज, महंत जयरामदास महाराज, महंत अंकित शरण महाराज, महंत नरेश आनंद महाराज, महंत सत्यव्रतानंद महाराज, स्वामी सुशील जी, कोतवाल कमल मुनि महाराज एवं कोतवाल श्याम गिरी महाराज सहित अनेक संत-महापुरुषों एवं भारी संख्या में श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित इस समारोह में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। संपूर्ण आयोजन गुरु भक्ति, संत समागम और आध्यात्मिक दिव्यता से परिपूर्ण रहा, जिसने सभी के मन को भक्ति और श्रद्धा से भर दिया।
गुरु महाराज के लिए श्रद्धा सुमन
परम पूज्य गुरुदेव,
आपकी कृपा, करुणा और दिव्य मार्गदर्शन ही हमारे जीवन का आधार है। आपके श्रीचरणों में ही सच्ची शांति, ज्ञान और भक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। आप ही हमारे जीवन के प्रकाश स्तंभ हैं, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर सत्य का मार्ग दिखाते हैं।
आपकी अमृतमयी वाणी और आशीर्वाद से ही हमारा जीवन धन्य और सफल बनता है। गुरुदेव, आपकी कृपा सदैव हम सभी पर बनी रहे—इसी भाव के साथ आपको कोटि-कोटि प्रणाम। 🙏
गंगा भक्ति आश्रम का 45वां स्थापना दिवस: विशाल संत समागम के रूप में भक्ति एवं श्रद्धा के साथ संपन्न

