सप्तम दिवस पर श्रीमद् भागवत कथा का हुआ विश्राम, भक्त हुए श्रीकृष्ण की लीलाओं से भावविभोर
हरिद्वार।
पवित्र नगरी हरिद्वार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस पर कथा का विधिवत विश्राम हुआ। कथा व्यास पुरुषोत्तम दास जी महाराज द्वारा सात दिनों तक किए गए अमृतमयी कथा वाचन का श्रवण कर भक्तजन भाव-विभोर हो उठे और अपने जीवन को धन्य मानने लगे।
सप्तम दिवस के अवसर पर कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का केवल श्रवण मात्र करने से ही मनुष्य को ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने यह भी समझाया कि धर्म, भक्ति और परम श्रद्धा के माध्यम से भगवान को सहज ही प्राप्त किया जा सकता है।
कथा के अंतिम दिन वातावरण पूरी तरह भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और सत्संग के माध्यम से भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
इस भव्य धार्मिक आयोजन का संचालन दरगर परिवार द्वारा किया गया, जो कोलकाता से हरिद्वार पहुंचे थे। परिवार के सभी सदस्यों ने पूरे समर्पण और श्रद्धा के साथ इस आयोजन को सफल बनाया।
सप्तम दिवस के साथ कथा का समापन हुआ, लेकिन भक्तों के हृदय में भक्ति और श्रीकृष्ण प्रेम की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहेगी।
सप्तम दिवस पर श्रीमद् भागवत कथा का हुआ विश्राम, भक्त हुए श्रीकृष्ण की लीलाओं में लीन

