श्री कबीर आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कथा व्यास डॉ. महावीर प्रसाद मेहता ने बताया—भक्ति, सत्संग और सद्कर्मों से सार्थक होता है मानव जीवन
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित श्री कबीर आश्रम में भावनगर, गुजरात से पधारे कथा व्यास डॉ. महावीर प्रसाद जी मेहता के श्रीमुख से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण कर भगवान की भक्ति और आध्यात्मिक संदेशों को आत्मसात किया।
कथा व्यास डॉ. महावीर प्रसाद मेहता ने भगवान की भक्ति, सत्संग और सद्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य जीवन ईश्वर की अनमोल देन है। इस जीवन को प्रभु के स्मरण, सेवा और सद्कर्मों में लगाकर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी और धार्मिक कथाएं मनुष्य को आत्मचिंतन के साथ धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
कथा के दौरान श्री कबीर आश्रम का वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालु कथा के विभिन्न प्रसंगों में भावविभोर नजर आए।
कथा आयोजक भावनगर, गुजरात के नरेश भाई धीरू भाई नैस्डा ने कहा कि संतों की वाणी और कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को नई दिशा प्रदान करता है तथा उसे भगवान के चरणों से जोड़ने का माध्यम बनता है।
इस अवसर पर देव भगत ने कहा कि कथा मन को शांति प्रदान करने के साथ जीवन में धर्म और संस्कारों का प्रकाश करती है। पियूष भाई ने कहा कि प्रभु की भक्ति से मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शक्ति का संचार होता है। महेश भाई ने कहा कि सत्संग और संतों का सानिध्य जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
वहीं परेश भाई ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के प्रत्येक प्रसंग में मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण संदेश छिपा है, जिसे अपने आचरण में उतारने का प्रयास करना चाहिए। रघु भाई ने कहा कि भगवान का नाम और संतों की वाणी ही मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से निकालकर सत्य और सदाचार के मार्ग पर ले जाती है।






