हरिद्वार, 11 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने मां मनसा देवी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि मां मनसा देवी भक्तों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां मनसा देवी महर्षि कश्यप की पुत्री हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर मां के दरबार में पहुंचते हैं और सच्चे मन से मां की आराधना करते हैं। मां मनसा देवी अपने भक्तों पर कृपा बरसाकर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार आने वाले देश-विदेश के अनेक श्रद्धालु चारधाम यात्रा का शुभारंभ करने से पहले मां मनसा देवी के दर्शन और पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और नारी शक्ति के सम्मान का भी प्रतीक है। नवरात्र के नौ दिनों में मां भगवती के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से आराधना की जाती है। नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। मां शैलपुत्री की आराधना से साधक को धैर्य, आत्मविश्वास, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे नवरात्र के दौरान पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मां भगवती की आराधना करें। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के प्रत्येक स्वरूप का अपना विशेष महत्व है और उनकी उपासना से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन मां भगवती की पूजा-अर्चना कर अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इससे जीवन में सद्भाव, आत्मविश्वास और अच्छे कार्यों के प्रति प्रेरणा मिलती है।इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, मां मनसा देवी मंदिर के ट्रस्टी महंत राज गिरी, अनिल शर्मा, सीमा शर्मा तथा मंदिर के प्रबंधक महेश दुबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए की मां से प्रार्थना






