श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गूंजा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का संदेश
नरसिंह अवतार प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, कथा व्यास पीयूष प्रसाद गिरीश भाई व्यास ने सुनाई श्रीकृष्ण की महिमा
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित आनंद स्वरूप आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुजरात के राजकोट से आए श्रद्धालुओं द्वारा अपने परिवार एवं पितरों के आशीर्वाद की कामना से आयोजित इस भव्य कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान श्रीहरि की अमृतमयी कथा का श्रवण किया।
कथा व्यास पीयूष प्रसाद गिरीश भाई व्यास जी महाराज, गुजरात ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए नरसिंह अवतार तथा भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। नरसिंह अवतार का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीहरि के जयकारे लगाए, जिससे पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति मनुष्य के जीवन को पवित्र, शांत और सार्थक बनाने का मार्ग है। श्रीकृष्ण प्रेम, करुणा, धर्म, सत्य और करुणामय जीवन के प्रेरणास्रोत हैं। उनके श्रीचरणों में सच्ची श्रद्धा रखने वाले भक्त के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। भगवान श्रीकृष्ण के नाम का स्मरण मनुष्य के मन को शांति प्रदान करता है और उसे सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्य सच्चे मन से भगवान श्रीकृष्ण की शरण ग्रहण करता है तो उसके भीतर का अहंकार, भय और नकारात्मकता धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है। श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश मनुष्य को प्रेम, सेवा, त्याग, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कथा के मुख्य यजमान धर्मेश भाई, लवजी भाई एवं राजेश भाई डोंगा, राजकोट (गुजरात) सहित समस्त परिवार की ओर से कथा का भव्य आयोजन कराया जा रहा है। परिवारजनों ने बताया कि पितरों के आशीर्वाद एवं भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से आयोजित इस कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेश से जोड़ना और सनातन संस्कृति की दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाना है।
कथा में गुजरात से आए श्रद्धालु नेहा बहन डोंगा, मीनाक्षी बेन डोंगा, रित्विक बेन डोंगा, पूजा डोंगा, भुर्मिक भाई डोंगा, कीर्ति भाई छायनी, भारत भाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु निरंतर कथा का श्रवण कर रहे हैं। राजकोट गुजरात से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आश्रम परिसर में विशेष भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो मां गंगा की पावन धरा पर स्वयं श्रीकृष्ण की भक्ति की अमृतधारा प्रवाहित हो रही हो।






