माया देवी धाम में गूंजा ‘वंदे मातरम’, सनातन चेतना के साथ संतों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध पौराणिक सिद्धपीठ माँ माया देवी मंदिर एवं श्री आनंद भैरव मंदिर परिसर में गुरुवार को आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने माँ माया देवी के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, उन्नति और विश्व शांति की कामना की। पूजा के बाद उन्होंने संत-महापुरुषों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

इसी अवसर पर माया देवी मंदिर प्रांगण में विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रविन्द्र पुरी महाराज ने की, जबकि संचालन जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि जी महाराज ने किया।

सामूहिक ‘वंदे मातरम’ से हुआ संत सम्मेलन का शुभारंभ

संत सम्मेलन की सबसे खास बात यह रही कि कार्यक्रम का शुभारंभ संत-महापुरुषों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गान कर किया। माया देवी मंदिर परिसर राष्ट्रभक्ति के स्वरों से गूंज उठा। संत समाज ने इसे सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रभावना को एक सूत्र में जोड़ने वाली प्रेरणादायी पहल बताया।

श्री महंत डॉ. रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि संत समाज केवल धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना का वाहक नहीं है, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़े विषयों में भी समाज का मार्गदर्शन करता रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता की भावना को और मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे।

देशभर में चलाया जाएगा जनजागरण अभियान

श्री महंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति की मूल भावना ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है। राष्ट्र की प्रगति, सामाजिक एकता और विश्व शांति के लिए समाज को जाति, वर्ग और भेदभाव की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।

उन्होंने उत्तराखंड में पलायन की समस्या पर चिंता जताते हुए सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के समर्थन में संत समाज की ओर से देशभर में जनजागरण अभियान चलाने की बात कही।

राष्ट्र निर्माण में संत समाज की महत्वपूर्ण भूमिका

पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संत-महापुरुषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और समाज को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने संतों की ओर से रखे गए सुझावों और अपेक्षाओं पर सकारात्मक प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज, श्री महंत प्रेम गिरि महाराज, श्री महंत महेश पुरी, श्री महंत मनोज गिरि, श्री महंत पूर्णागिरि, श्री महंत रामचंद्र गिरि, श्री महंत नीलकंठ गिरि, श्री महंत दुर्गा दास, श्री महंत आदित्य गिरि, श्री महंत रणधीर गिरि, कोठारी महंत भीष्म गिरि सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, नागा संन्यासी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

माया देवी धाम में गूंजे ‘वंदे मातरम’ के स्वर ने धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना को भी मजबूती दी। संत समाज ने सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता, राष्ट्र चेतना और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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