हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना के साथ होगी जोत प्रवाहित, दूध की होली की निभाई जाएगी विशेष परंपरा
हरिद्वार। मुलतान समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक 116वां मुलतान जोत महोत्सव रविवार को हरिद्वार में श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना कर विधिवत जोत प्रवाहित करेंगे। इस दौरान मां गंगा के साथ दूध की होली खेलने की विशेष परंपरा भी निभाई जाएगी।
प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय मुलतान संगठन के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागपाल ने बताया कि महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर को आकर्षक तोरण द्वारों से सजाया गया है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर मुलतान समाज के लोगों में खासा उत्साह है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के तहत विभिन्न स्थानों पर सुंदरकांड पाठ, हवन और प्रसाद वितरण सहित कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इसके बाद श्रद्धालु भव्य जुलूस के रूप में हरकी पैड़ी पहुंचेंगे। यहां मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद दूध की होली खेली जाएगी और श्रद्धालु श्रद्धा एवं आस्था के साथ जोत अर्पित कर उसे गंगा में प्रवाहित करेंगे।
महोत्सव में असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, भाजपा महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित अनेक अतिथि और गणमान्य लोग शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर संगठन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आयोजकों के अनुसार हरकी पैड़ी पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। महोत्सव को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
डॉ. महेंद्र नागपाल ने कहा कि मुलतान जोत महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक एकता, परंपरा और भाईचारे का प्रतीक भी है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होंगे।
पत्रकार वार्ता में ओमप्रकाश अरोड़ा, रतनदेव चावला, सतपाल अरोड़ा सहित अखिल भारतीय मुलतान संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। संगठन ने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से महोत्सव में श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ शामिल होने की अपील की।






