हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के समीप हाईवे स्थित लक्ष्या होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में महामंडलेश्वर स्वामी राजेन्द्रानंद सरस्वती महाराज ने मातृ सदन के स्वामी और आश्रम की गतिविधियों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आश्रम की फंडिंग, खनन विरोधी गतिविधियों और पूर्व में सामने आए कुछ विवादित प्रकरणों की जांच की मांग की।
महामंडलेश्वर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 तक तत्कालीन कांग्रेस केंद्र सरकार के कथित संरक्षण में मातृ सदन से जुड़े लोगों द्वारा नदियों और खनन परियोजनाओं के नाम पर अवैध वसूली की गई तथा देशभर में कथित रूप से ‘अर्बन नक्सलवाद’ को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने इन आरोपों की जांच की मांग करते हुए संबंधित स्रोतों की पड़ताल की बात कही। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
“खनन का विरोध, फिर उसी की सामग्री से आश्रम?”
स्वामी राजेन्द्रानंद ने मातृ सदन के खनन विरोधी रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस बालू और रेत के खनन पर रोक लगाने की मांग बार-बार की जाती है, उसी प्रकार की सामग्री से आश्रम का पक्का निर्माण किया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि “कुटिया घास-फूस से भी बन सकती है, फिर खनन से निकली बालू-रेत से पक्का आश्रम क्यों?”
उन्होंने यह भी कहा कि खनन के खिलाफ आवाज उठाने के बाद आंदोलन अचानक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि “कहीं इसके पीछे कोई दूसरी कहानी तो नहीं?”
साध्वी प्रकरण का भी जिक्र
प्रेस वार्ता में वर्ष 2019 में अस्पताल में भर्ती एक साध्वी से जुड़े कथित गर्भावस्था प्रकरण का भी उल्लेख किया गया। महामंडलेश्वर ने दावा किया कि आश्रम में आने के बाद संबंधित साध्वी के बयान में बदलाव आया और बाद में डॉक्टर के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के दावे सहित कई घटनाक्रम सामने आए।
उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संबंधित प्रकरणों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्ष का पक्ष इस प्रेस वार्ता में उपलब्ध नहीं बताया गया।
फंडिंग पर भी उठाए सवाल
महामंडलेश्वर स्वामी राजेन्द्रानंद ने मातृ सदन को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा संतों को साधना की आड़ में आंदोलनों के लिए प्रेरित किया जाता है और बाद में उन्हें संघर्ष की राह पर आगे कर दिया जाता है।
“मैं समाजसेवी हूं, आरोपों पर चुप नहीं बैठूंगा”
स्वामी राजेन्द्रानंद सरस्वती ने स्वयं को लंबे समय से समाजसेवा से जुड़ा बताते हुए कहा कि उन्होंने कन्याओं के विवाह से लेकर मठ-मंदिरों के जीर्णोद्धार तक विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यों में तन-मन-धन से सहयोग किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मातृ सदन के गुरु महाराज की ओर से उन पर अनर्गल आरोप लगाए गए और उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि “मैं सनातन धर्म का अनुयायी और समाजसेवी हूं। कांवड़ मेले के दौरान किसी प्रकार का विवाद या विघ्न खड़ा नहीं करना चाहता था, इसलिए प्रेस वार्ता कांवड़ मेले के बाद रखी।”
महामंडलेश्वर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में उन पर किसी भी प्रकार के आरोप लगाए जाते हैं तो वे चुप नहीं बैठेंगे और तथ्यों के साथ उसका जवाब देंगे।
प्रेस वार्ता के बाद हरिद्वार में मातृ सदन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का विवाद एक बार फिर गरमाता दिखाई दे रहा है।
मातृ सदन पर गरजे महामंडलेश्वर, जांच की मांग“आरोप लगाओगे तो चुप नहीं बैठूंगा”-स्वामी राजेन्द्रानंद सरस्वती






