गंगा तट पर संत सम्मेलन में गूंजा सनातन एकता का संदेश, सूफी सुरों ने बांधा समां
हरिद्वार। पवित्र गंगा तट पर आयोजित संत सम्मेलन में आध्यात्मिक एकता, शांति और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। देशभर से पधारे संत-महात्माओं एवं सूफी गायकों ने अपने विचारों और प्रस्तुतियों के माध्यम से सनातन संस्कृति, आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।
सम्मेलन के दौरान सूफी गायकों की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और भावपूर्ण बना दिया। उनके सुरों ने श्रद्धालुओं के मन में प्रेम, शांति और एकता की भावना को और प्रगाढ़ किया।
संतों ने अपने उद्बोधनों में कहा कि गंगा केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारत की एकता, संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत धरोहर भी है। उन्होंने समाज में आपसी प्रेम, सहिष्णुता और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट के श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी जी महाराज के सानिध्य में भव्य कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर महंत राम रतन गिरी जी महाराज द्वारा श्रावण मास के पावन अवसर पर संतों का विशेष समागम आयोजित किया गया।
सम्मेलन में महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद जी महाराज, आनंद स्वरूप महाराज, ललिता नंद गिरी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने आध्यात्मिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रभावशाली संदेश दिया।

