हरिद्वार में श्री भोलानंद संन्यास आश्रम में भव्य संत भंडारे का आयोजन

हरिद्वार में श्री भोलानंद संन्यास आश्रम में भव्य संत भंडारे का आयोजन
हरिद्वार की पावन धर्मनगरी स्थित श्री भोलानंद संन्यास आश्रम में आज प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री भोलानंद जी महाराज की असीम कृपा से एक विशाल संत भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
यह पावन कार्यक्रम प्रातः स्मरणीय महामंडलेश्वर 1008 स्वामी तेजशानंद गिरी जी महाराज के दिव्य सानिध्य में आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनों ने भाग लिया।
सुबह से ही आश्रम परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और गुरु वंदना से गुंजायमान रहा। संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। इस अवसर पर संतों का सम्मान, गुरु पूजन तथा प्रसाद वितरण श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी तेजशानंद गिरी जी महाराज ने गुरु महिमा पर अत्यंत प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गुरु केवल मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि साक्षात ईश्वर की प्रतिमूर्ति होते हैं। गुरु ही जीव को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य, ज्ञान और मोक्ष के प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रातः स्मरणीय स्वामी भोलानंद जी महाराज के तप, त्याग, सेवा और साधना से परिपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन मानव कल्याण और सनातन धर्म की सेवा के लिए पूर्णतः समर्पित रहा। ऐसे महान संत विरले ही इस धरती पर अवतरित होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है और गुरु के बिना आत्मकल्याण का मार्ग संभव नहीं है। उनके प्रेरणादायक विचारों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कार्यक्रम के अंत में विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संतों, महात्माओं एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरा आश्रम परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
इस अवसर पर सचिव श्री राजगिरी महाराज, महंत रवि देव महाराज, महंत काठिया बाबा, महंत सूरज दास महाराज, महंत कमलेशानंद सरस्वती सहित अनेक संत उपस्थित रहे।

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