भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ रुक्मिणी विवाह उत्सव, भक्तिमय भजनों पर झूमे श्रद्धालु


हरिद्वार। श्री हरि रामायण एवं भागवत कथा समिति, चंडीगढ़ के तत्वाधान में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास परम पूज्य श्री मुकुंद हरि जी महाराज के श्रीमुख से भक्तों को दिव्य कथा का अमृतपान कराया जा रहा है। कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मिणी के पावन रुक्मिणी विवाह का अत्यंत सुंदर और मनोहारी चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
रुक्मिणी विवाह के इस पावन प्रसंग पर पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे और नृत्य करते हुए भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी जी के दिव्य मिलन का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया। उपस्थित भक्तजन भजनों में मंत्रमुग्ध होकर इस अलौकिक प्रसंग का आनंद लेते नजर आए।
कथा व्यास पूज्य श्री मुकुंद हरि जी महाराज ने अपने प्रवचनों में बताया कि रुक्मिणी विवाह भक्ति, प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और समर्पण से जीवन में सुख, शांति और आनंद की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रेसिडेंट दिलीप चंद गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेट्री अनिल गोयल, जनरल सेक्रेटरी आशु गर्ग, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पृथ्वीराज बंसल, वाइस प्रेसिडेंट कश्मीरी लाल गुप्ता तथा जयपाल जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला तथा श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मिणी के पावन विवाह उत्सव को अत्यंत हर्ष और आनंद के साथ मनाया।

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