हरिद्वार। प्रतियोगिता में महिला वर्ग के मुकाबलों का आयोजन भी इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। विकास तिवारी ने कहा कि जब महिला खिलाड़ी बड़े मंच पर खेलती हैं तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लड़कियां भी खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित होती हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा जितना पुरुष खिलाड़ियों का, क्योंकि खेल के मैदान में प्रतिभा और मेहनत ही असली पहचान होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से कई युवा खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर शहर के खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय खिलाड़ियों और दर्शकों का मानना है कि इस तरह के बड़े टूर्नामेंट से शहर में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और युवाओं को नई प्रेरणा मिलती है। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान दर्शकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि वे आराम से मैच का आनंद ले सकें। इसके साथ ही खेल मैदान में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
चार दिनों तक चलने वाले इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट के दौरान हरिद्वार में खेलों का उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलेगा। विभिन्न राज्यों से आने वाली टीमें जब प्रेमनगर आश्रम के मैदान में उतरेंगी तो दर्शकों को रोमांचक मुकाबलों का आनंद मिलेगा।
आयोजकों को उम्मीद है कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगी और आने वाले वर्षों में भी इस तरह के बड़े आयोजन हरिद्वार में होते रहेंगे। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का सिलसिला जारी रहता है तो शहर के युवा खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। इस टूर्नामेंट के माध्यम से हरिद्वार एक बार फिर यह संदेश देने जा रहा है कि यह शहर केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र ही नहीं बल्कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच भी बन सकता है।

