हरिद्वार। गोविंदपुरी स्थित एसएमजेएन कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर राष्ट्र और सनातन संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था और प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रवींद्र पुरी महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि जब हिंदू समाज पूर्ण रूप से जागृत और संगठित होगा, तभी देश एकता और प्रगति के शिखर पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा है, जो “सभी का साथ, सभी का विकास” के मूल भाव को आत्मसात करती है। जो व्यक्ति सनातन मार्ग पर चलता है, वह सत्य, धर्म और मानवता के पथ पर अग्रसर होता है।
नगर विधायक मदन कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि यदि हिंदू समाज विभाजित होगा तो देश में अराजकता और अस्थिरता बढ़ेगी, किंतु यदि समाज एकजुट रहेगा तो वह सभी धर्मों को साथ लेकर चलने के अपने संकल्प को सफलतापूर्वक पूर्ण करेगा। उन्होंने भय और भ्रष्टाचार मुक्त नवभारत के निर्माण का आह्वान करते हुए सामाजिक समरसता पर बल दिया।
वक्ता अमित ने कहा कि हमें मिलकर एकता और खुशियों के दीप प्रज्वलित करने होंगे तथा अखंडता के साथ राष्ट्र को समृद्ध और सशक्त बनाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, सौहार्द और भाईचारे की भावना ही राष्ट्र को सुदृढ़ बनाती है।
श्री मनोज अग्रवाल ने भ्रष्टाचार मुक्त नवभारत के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि संपूर्ण हिंदू समाज को एकता के सूत्र में बंधकर सत्य और सनातन का शंखनाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की झलक हमारे जीवन के प्रत्येक कार्य और व्यवहार में परिलक्षित होनी चाहिए।
श्री उज्ज्वल पंडित ने कहा कि हिंदुत्व की एकजुटता ही सनातन की वास्तविक मजबूती है। उन्होंने समाज में जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया।
वहीं श्री विपिन चौधरी ने कहा कि सनातन संस्कृति भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित आदर्शों पर आधारित है। जो व्यक्ति उनके बताए मार्ग पर चलता है, वही सनातन संस्कृति का सच्चा अनुयायी कहलाता है।
सम्मेलन का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने संगठित समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया।
हरिद्वार में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्र एवं सनातन संस्कृति के प्रति जताई प्रतिबद्धता

