हरिद्वार, 22 फरवरी 2026 (रविवार):
पतित पावनी मां गंगा के पावन तट पर स्थित श्री जनार्दन आश्रम, हिलबाईपास रोड, खड़खड़ी में महंताई चादर विधि का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। फाल्गुन कृष्ण पक्ष पंचमी (वि.सं. 2082) के शुभ अवसर पर महंत रामचरण दास जी त्यागी के विरक्त शिष्य संत हर्ष दास को विधिवत तिलक, कंठी एवं चादर अर्पित कर महंताई की रस्म पूर्ण कराई गई।
यह समारोह श्री रामानंदीय श्री वैष्णव मण्डल के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसमें श्री रामानंदीय श्री वैष्णव समिति तथा षड़दर्शन संत समाज की गरिमामय उपस्थिति रही। विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों से पधारे संत-महात्माओं ने नव नियुक्त महंत हर्षदास जी को आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत विष्णुदास जी महाराज ने की। उनके मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार, तिलक विधान और चादर अर्पण की पावन रस्म सम्पन्न हुई। संत समाज की उपस्थिति में वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
दूर-दूर से उमड़े श्रद्धालु
महंताई चादर विधि के उपरांत संत एवं भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समस्त अखाड़ों एवं आश्रमों के संतजन विशेष रूप से उपस्थित रहे और प्रसाद ग्रहण कर अपने आशीर्वचन प्रदान किए।
भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित एवं भव्य रही। सेवा में लगे भक्तों ने तन-मन से योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया। संपूर्ण आयोजन सौहार्द, श्रद्धा और संत परंपरा की गरिमा का प्रतीक बना।
संत परंपरा की गौरवपूर्ण कड़ी
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महंताई केवल पद नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और धर्मरक्षा की जिम्मेदारी है। संत हर्षदास जी ने गुरु परंपरा के आदर्शों पर चलने और समाज सेवा हेतु समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।
अंत में संत समाज के आशीर्वाद एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आश्रम परिसर में जयघोष और भक्ति रस की अनुपम अनुभूति रही।
श्री जनार्दन आश्रम में महंताई चादर विधि सम्पन्न, भव्य भंडारा आयोजित

