संत समाज में बड़ा फैसला: निर्मोही अखाड़ा आया परिषद के साथ, कुंभ को लेकर साफ ऐलान

अखाड़ा परिषद को बड़ी मजबूती: निर्मोही अखाड़ा खुलकर आया साथ, कुंभ संचालन पर अहम फैसला

उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक बड़ा और निर्णायक घटनाक्रम सामने आया है। श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़े ने मौजूदा परिषद के समर्थन में खुलकर उतरते हुए संत समाज को एकजुटता का मजबूत संदेश दिया है।

मंगलवार को उज्जैन में आयोजित अहम बैठक में निर्मोही अखाड़े के पंचों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि अखाड़ा आगामी नासिक, हरिद्वार, उज्जैन और प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेलों में वर्तमान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ ही खड़ा रहेगा और उसी के नेतृत्व में भागीदारी करेगा।

बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने की। इस दौरान निर्मोही अखाड़े के प्रमुख संतों के साथ-साथ विभिन्न परंपराओं के संत-महंत भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक के बाद औपचारिक रूप से परिषद को समर्थन देने की घोषणा की गई।

श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि निर्मोही अखाड़े के निमंत्रण पर शैव, निर्मल और उदासीन परंपराओं के संत एक मंच पर एकत्र हुए। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सभी ने एकमत से तय किया कि कुंभ मेलों का संचालन मौजूदा परिषद के नेतृत्व में ही किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिषद पूरी तरह सक्रिय है और सभी अखाड़ों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत मदन मोहन दास महाराज ने परिषद को साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था बताते हुए कहा कि देशभर के लाखों संत इससे जुड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्मोही अखाड़ा परिषद के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और आगामी कुंभ मेलों के शाही स्नान सहित सभी धार्मिक आयोजनों में परिषद के नेतृत्व में ही भाग लेगा।

बैठक में विभिन्न प्रमुख अखाड़ों के संत-महंतों की उपस्थिति ने इस निर्णय को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। हाल के दिनों में अखाड़ा परिषद को लेकर उठे विवादों के बीच निर्मोही अखाड़े का यह समर्थन परिषद के लिए बड़ी ताकत माना जा रहा है।

इस फैसले से साफ संकेत मिल रहे हैं कि कुंभ मेलों के आयोजन और संचालन को लेकर संत समाज में एकजुटता और समन्वय अब और मजबूत होता जा रहा है।

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